ये दिल अब पहले जैसा किसी पर भरोसा नहीं करता।”
ज़िंदगी की किताब में बस कहानी सूनी रह गई।
क्योंकि मोहब्बत में बस दर्द पाया है मैंने।
तेरे चेहरे की रंगत भी किसी दिन मोहब्बत उड़ा देगी…!
मैं इस जहाँ में उस एक शख़्स का भी हक़दार नहीं था क्या?
चाहकर भी उनसे नाता तोड़ा नहीं जा सकता।
जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
रोज तो वो मरते है जो खुद से ज्यादा किसी और को चाहते हैं…!
हिम्मत तो रखता हूँ दुनिया से Sad Shayari in Hindi जीत जाने की,
हम हँसते भी हैं तो लोग दर्द पहचान नहीं पाते।”
एक चादर में लिपटे दो बदन.. एक तेरा हो, एक मेरा हो।
हम भी चकनाचूर हो गए… दिल संभालना मुश्किल हो गया है।
मुझे देख कर मेरे गम बोले बड़ी देर लगा दी आने में…!
वरना कुछ पल का साथ तो जनाजा उठाने वाले भी देते है…!